चीन ने ताइवान के पास रॉकेट दागे, एम्फीबियस फोर्सेज से पोर्ट कब्जे की प्रैक्टिस की। यह ‘जस्टिस मिशन 2025’ अभ्यास का हिस्सा था, जिसमें चीनी सेना ने ताइवान को घेरने का डेमोंस्ट्रेशन किया।
अभ्यास का विवरण
चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने 30 दिसंबर 2025 को ताइवान के पूर्वी समुद्र में बड़े पैमाने पर लाइव-फायर ड्रिल्स आयोजित किए। इसमें एम्फीबियस असॉल्ट शिप्स, डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट्स और ड्रोन्स ने महत्वपूर्ण पोर्ट्स पर कब्जे की प्रैक्टिस की, जिसमें एलीट फोर्सेस ने हाई-स्पीड रेड्स किए। उत्तरी और दक्षिणी ताइवान के जल क्षेत्रों में लॉन्ग-रेंज मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम्स से 27 से अधिक रॉकेट दागे गए, जो ताइवान की 24-नॉटिकल माइल लाइन के अंदर गिरे।
भाग लेने वाली ताकतें
अभ्यास में आर्मी, नेवी, एयर फोर्स और रॉकेट फोर्स शामिल हुईं। नए टाइप 075 एम्फीबियस असॉल्ट शिप्स ने हेलीकॉप्टर्स, लैंडिंग क्राफ्ट और टैंक्स उतारे, जबकि बॉम्बर्स, फाइटर जेट्स और कोस्ट गार्ड ने स्ट्राइक्स, एंटी-एयर और एंटी-सबमरीन ऑपरेशन्स किए। पीएलए ईस्टर्न थिएटर कमांड ने सात मैरीटाइम जोन्स में ताइवान को घेरा, जिसमें कीलंग और काओह्स्युंग पोर्ट्स पर ब्लॉकेड सिमुलेशन प्रमुख था।
ताइवान की प्रतिक्रिया
ताइवान ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा और यूएस-मेड HIMARS सिस्टम्स की क्षमता दिखाई। राष्ट्रपति विलियम लाई चिंग-ते ने कहा कि बीजिंग जिम्मेदार शक्ति की तरह व्यवहार नहीं कर रहा, लेकिन ताइवान टकराव नहीं चाहता। ताइवान डिफेंस मिनिस्ट्री ने 130 चीनी एयरक्राफ्ट और 22 नौसैनिक जहाजों की गिनती की।
वैश्विक संदर्भ
यह अभ्यास अमेरिका के ताइवान को 11.1 अरब डॉलर के रिकॉर्ड हथियार डील के 11 दिन बाद शुरू हुआ। चीन ने इसे ‘टैगुटी’ ताकतों और बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी बताया। यह 2022 से चीन का छठा बड़ा वॉर गेम्स था, जो 2027 तक तैयार होने के लक्ष्य को दर्शाता है।

#China Taiwan drills
#PLA rocket fire
#Taiwan port seizure
#Justice Mission 2025















Leave a Reply