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No Hate Zone: JNU Cracks Down on Modi-Shah Slogans with Iron Fist Vow

जेएनयू में नफरत का ठिकाना नहीं बनेगा: मोदी-शाह के खिलाफ नारों पर सख्त कार्रवाई का वादा

नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026 (क्राइम इंडिया न्यूज): जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने कैंपस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी करने वालों पर सख्ती का ऐलान किया है। वीसी ने स्पष्ट कहा, “हम इसे नफरत फैलाने का अड्डा नहीं बनने देंगे।” यह बयान कैंपस में हाल ही में हुई एक विवादास्पद रैली के बाद आया है, जहां छात्र संगठनों ने कथित तौर पर आक्रामक नारे लगाए।

घटना की पूरी जानकारी

6 जनवरी 2026 को जेएनयू कैंपस के सेंट्रल पार्क में लेफ्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (DSF) और अन्य छात्र संगठनों ने एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शनकारियों ने बुलडोजर एक्शन, CAA-NRC और कथित ‘फासीवादी शासन’ के खिलाफ नारे लगाए, जिसमें पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह के नाम सीधे लिए गए। वीडियो फुटेज में “मोदी-शाह हटाओ, देश बचाओ” जैसे नारे साफ सुनाई दे रहे हैं। जेएनयू प्रशासन ने इसे “अराजकता” करार देते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कैंपस में CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और 10-15 संदिग्ध छात्रों की सूची तैयार की गई है।

प्रशासन की सख्त चेतावनी

जेएनयू वीसी संतिश्री पंडित ने एक आपात बैठक के बाद कहा, “जेएनयू एक अकादमिक संस्थान है, नफरत का अड्डा नहीं। हम मोदी-शाह जैसे संवैधानिक पदों के खिलाफ नारों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। दोषियों पर रुस्तम सरतोर, निष्कासन और कानूनी कार्रवाई होगी।” उन्होंने UGC गाइडलाइंस का हवाला देते हुए कहा कि कैंपस में राजनीतिक गतिविधियां सीमित होंगी। ABVP और NSUI जैसे संगठनों ने समर्थन जताया, जबकि लेफ्ट संगठनों ने इसे “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला” बताया। पुलिस ने कैंपस के बाहर भारी सुरक्षा तैनात कर दी है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

बीजेपी ने इसे “लेफ्ट की साजिश” बताते हुए जेएनयू को “टुकड़े-टुकड़े गैंग का गढ़” कहा। केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, “नफरत के नारों का अंत अब जरूरी।” विपक्ष ने जेएनयू प्रशासन पर “राजनीतिक दबाव” का आरोप लगाया। यह घटना दिल्ली विध्वंस विवाद के ठीक बाद आई है, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया। जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन ने आपात बैठक बुलाई है।

भविष्य की संभावनाएं

प्रशासन ने 48 घंटे में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। दोषी पाए गए छात्रों पर सेंट्रल गवर्निंग बॉडी जुर्माना लगाएगी। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, जो जेएनयू की छवि को फिर प्रभावित कर सकता है। छात्रों से अपील की गई है कि शांतिपूर्ण विरोध रखें।

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