इंदौर में पीने के पानी में सीवेज मिला, कम से कम 10 मौतें; ‘सबसे स्वच्छ शहर’ की छवि पर सवाल
इंदौर, मध्य प्रदेश के भगीरथपुरा इलाके में नगर निगम के पीने के पानी की सप्लाई में सीवेज का रिसाव होने से डायरिया का प्रकोप फैल गया, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों में मौतों की संख्या 4 बताई जा रही है, लेकिन स्थानीय निवासियों, मेयर और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वास्तविक संख्या 10 से अधिक हो सकती है, जिसमें महिलाएं और एक शिशु शामिल हैं।
घटना का विवरण
भगीरथपुरा क्षेत्र में मुख्य जल पाइपलाइन के ऊपर अवैध रूप से एक शौचालय बनाया गया था, जिसमें सुरक्षा टैंक की कमी के कारण सीवेज पानी पाइप में घुस गया। इससे पानी में बैक्टीरिया फैल गया, जिसके कारण हजारों लोग उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन से पीड़ित हो गए; 2000 से अधिक लोग बीमार पड़े और सैकड़ों अस्पताल पहुंचे। निवासियों ने बताया कि पानी कड़वा और धातु जैसा स्वाद वाला था, लेकिन वे इसे उबालकर पीते रहे, अनजाने में जहर फैला रहे थे।
आधिकारिक कार्रवाई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे ‘आपातकालीन स्थिति’ करार दिया और मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव सहित तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया, जबकि शौचालय को तोड़ दिया गया और पाइपलाइन की मरम्मत की गई। अब टैंकरों से साफ पानी की आपूर्ति हो रही है और 12,000 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया गया।
सबसे स्वच्छ शहर पर दाग
इंदौर को स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार आठ वर्षों से भारत का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है, लेकिन यह घटना जल सुरक्षा और अवसंरचना की कमियों को उजागर करती है। विपक्ष ने लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि हाईकोर्ट ने स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसी लापरवाही से पानी जनित बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं।















Leave a Reply