केंद्रीय कैबिनेट ने 2026-27 बजट को दी मंजूरी: सीतारमण पेश करेंगी नौवां लगातार बजट
नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज संसद भवन में आयोजित बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को औपचारिक मंजूरी दे दी। इस मंजूरी के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में अपना नौवां लगातार बजट पेश करने के लिए तैयार हैं, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि को मजबूत बनाने पर केंद्रित होगा।
कैबिनेट बैठक की प्रमुख जानकारियां
कैबिनेट बैठक सुबह 10 बजे संसद भवन में शुरू हुई और जल्द ही बजट को हरी झंडी दे दी गई। मंजूरी मिलने के तुरंत बाद वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट की, जहां उन्हें डिजिटल बजट प्रति सौंपी गई। परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति ने उन्हें ‘दही-चीनी’ खिलाकर शुभकामनाएं दीं, और सीतारमण लाल कपड़े में लिपटे पारंपरिक ‘बही-खाता’ के साथ नजर आईं, जिसमें सुनहरा राष्ट्रीय प्रतीक अंकित डिजिटल टैबलेट रखा था।
बजट की पृष्ठभूमि और अपेक्षाएं
यह एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट है, जो वैश्विक व्यापार घर्षण, निर्यात मंदी और भू-राजनीतिक तनावों के बीच आ रहा है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाकर विकास को गति दी जाएगी, साथ ही राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखा जाएगा। पिछले बजटों की तरह यह पेपरलेस होगा, जो सीतारमण के 2019 के पहले बजट से चली आ रही परंपरा है।
प्रमुख वित्तीय अनुमान
- कुल व्यय: 50.65 लाख करोड़ रुपये अनुमानित।
- राजकोषीय घाटा: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4.8%, 2026-27 में 4.4% लक्ष्य।
- शुद्ध बाजार उधार: 11.54 लाख करोड़ रुपये।
- संपत्ति मुद्रीकरण योजना: 10 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य।
बजट की मुख्य घोषणाएं
बजट में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए नई कर व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की आय को पूर्णतः करमुक्त कर दिया गया। इलेक्ट्रिक वाहन और मोबाइल बैटरी निर्माण के लिए पूंजीगत वस्तुओं पर छूट, जूतों-चमड़े, खिलौनों और सोलर सेल पर राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन शुरू। एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी 10 करोड़ दोगुनी, स्टार्टअप्स के लिए 10,000 करोड़ का फंड-ऑफ-फंड्स।
अन्य महत्वपूर्ण पहल
- 1 लाख करोड़ का शहरी चैलेंज फंड, 25,000 करोड़ का समुद्री विकास फंड।
- 50,000 नए अटल टिंकरिंग लैब्स, 10,000 आईआईटी/आईआईएससी फेलोशिप।
- 10,000 नई मेडिकल सीटें, जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर।
- किसान क्रेडिट योजना सीमा बढ़ाई, दालें-मत्स्य-फल-सब्जी मिशन।
अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
यह बजट रोजगार सृजन, विनिर्माण को बढ़ावा और समावेशी विकास पर जोर देता है। जूतों-चमड़े क्षेत्र में 22 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बजट भारत को वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएगा।
















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