ग्रीनलैंड में ट्रंप के खिलाफ ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन
ग्रीनलैंड की राजधानी नूक और अन्य शहरों में हजारों लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘अमेरिकी कब्जे’ दावों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक Nielsen की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में ग्रीनलैंड के झंडे लहराए गए और नारे लगाए गए।
प्रदर्शन का विवरण
नूक में बर्फीले मौसम के बावजूद शिक्षक, मछुआरे, बच्चे और बुजुर्ग सड़कों पर उतरे, जहां पीएम Nielsen ने अप्रत्याशित रूप से भाग लिया और झंडा फहराया। प्रदर्शनकारियों ने ‘ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है’, ‘अमेरिका जाओ’ जैसे नारे लगाए और ट्रंप के कब्जे के विचार को खारिज किया। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में भी समर्थन में हजारों ने मार्च निकाला।
ट्रंप के दावों का कारण
ट्रंप ने ग्रीनलैंड को रूस और चीन से बचाने के लिए अमेरिका का घोषित किया है, जो आर्कटिक क्षेत्र में खनिज संसाधनों और रणनीतिक महत्व के कारण महत्वपूर्ण है। उन्होंने डेनमार्क सहित नाटो सहयोगियों पर नये टैरिफ लगाने की धमकी दी है यदि वे ग्रीनलैंड न दें। यह विचार 2019 से चला आ रहा है, लेकिन 2026 में फिर तेज हो गया।
पीएम Nielsen की प्रतिक्रिया
34 वर्षीय सबसे युवा पीएम जेंस-फ्रेडरिक Nielsen ने ट्रंप को चेतावनी दी कि ‘बस बहुत हुआ, अब कोई दबाव या कब्जे की कल्पना नहीं चलेगी’। उन्होंने ग्रीनलैंड की डेनमार्क के साथ एकजुटता दोहराई और आर्थिक स्वतंत्रता पर जोर दिया। ट्रंप ने उनकी टिप्पणियों को खारिज कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडरिकसेन ने नाटो संधि का हवाला देकर विरोध किया, जबकि यूरोपीय संघ ने ट्रंप के दावों को अस्वीकार किया। ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य उसके लोगों का फैसला करेगा
















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