दिल्ली में 17 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट: NRI डॉक्टर दंपति से लगभग 15 करोड़ की ठगी
दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाले रिटायर्ड NRI डॉक्टर दंपति को साइबर ठगों ने 17 दिनों तक डिजिटल गिरफ्त में रखकर करीब 14.85 करोड़ रुपये की भारी ठगी का शिकार बनाया। डॉ. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा, जो संयुक्त राष्ट्र में 48 वर्षों तक सेवा दे चुके हैं, 24 दिसंबर से 9 जनवरी तक ठगों के जाल में फंसे रहे।
ठगी की शुरुआत
ठगों ने खुद को पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारी बताते हुए वीडियो कॉल पर संपर्क किया, दंपति पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया। डराने के लिए फर्जी दस्तावेज, कोर्ट ऑर्डर और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी का हवाला दिया गया। लगातार वीडियो कॉल पर रखकर उन्हें घर से बाहर निकलने और किसी से बात करने से रोका गया।
पैसे ट्रांसफर का तरीका
17 दिनों में डॉ. इंदिरा ने ठगों के कहने पर 8 अलग-अलग बैंक खातों में कुल 14 करोड़ 85 लाख रुपये ट्रांसफर किए। कभी 2 करोड़ ‘जांच शुल्क’ के नाम पर, तो कभी 2.10 करोड़ ‘जमानत’ के बहाने। ठगों ने IP ट्रैकिंग और लोकेशन शेयरिंग करवाकर दंपति को पूरी तरह नियंत्रित रखा। उनके बच्चे विदेश में होने से अकेलेपन का फायदा उठाया गया।
खुलासा और पुलिस कार्रवाई
9 जनवरी को ठगों ने कहा कि लोकल थाने जाकर RBI से रिफंड लें। थाने पहुंची डॉ. इंदिरा को वहां असली SHO ने सच्चाई बताई, तब ठगी का पर्दाफाश हुआ। दिल्ली पुलिस ने ई-एफआईआर दर्ज कर IFSO साइबर यूनिट को जांच सौंपी। बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल रिकॉर्ड और IP एड्रेस की तफ्तीश जारी है।
















Leave a Reply